प्रिय सहयोगियों और विद्यार्थियों,

पिछले कुछ वर्षों में हमने युवाओं की सोच में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है। अब युवा पारंपरिक पेशों के बजाय गैर-पारंपरिक एवं कौशल आधारित कोर्सों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जो गतिविधियाँ पहले केवल शौक समझी जाती थीं, आज वे मुख्यधारा के व्यवसाय बन चुकी हैं। मनुष्य की यात्रा करने की इच्छा और स्वादिष्ट भोजन की आवश्यकता—ये दोनों उद्योग आने वाले समय में भी तीव्र गति से विकसित होते रहेंगे। विश्व स्तर पर और भारत में भी पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण युवाओं के लिए विशाल रोजगार अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान पर्यटन क्षेत्र में 12% विकास का अनुमान लगाया गया, जिसके अनुसार आतिथ्य उद्योग में लगभग 36 लाख प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता होगी। योजना आयोग ने पर्यटन को देश में दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता क्षेत्र माना है, विशेषकर कम कौशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए। यह भी उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में 70% कार्यबल महिलाएँ हैं तथा 50% कर्मचारी 25 वर्ष या उससे कम आयु के हैं। स्पष्ट है कि आतिथ्य शिक्षा आज के युवाओं के लिए एक उत्कृष्ट करियर विकल्प है।
राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं केटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद (NCHMCT) द्वारा संचालित तीन वर्षीय डिग्री कार्यक्रम तथा विभिन्न विशेषीकृत कोर्स विद्यार्थियों को ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं, जिससे वे आतिथ्य उद्योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। हमारे संस्थानों में देश के विभिन्न हिस्सों, सामाजिक पृष्ठभूमियों और संस्कृतियों से आए विद्यार्थी एक समान एवं समावेशी वातावरण में सीखते हैं, जहाँ योग्यता और कड़ी मेहनत सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। हमारे छात्र देश-विदेश की शीर्ष कंपनियों में बेहतर से बेहतर प्लेसमेंट प्राप्त कर रहे हैं।
जैसे-जैसे विश्व अधिक वैश्वीकरण की ओर बढ़ रहा है, शैक्षणिक संस्थानों को भी आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को विकसित करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को वैश्विक प्रथाओं, विभिन्न संस्कृतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों से परिचित कराना समय की मांग है। शोध सहयोग, विदेशी विश्वविद्यालयों से सहभागिता, केस स्टडी व प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण—ये सभी विद्यार्थियों को व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
वर्तमान समय में भारत आतिथ्य क्षेत्र में योग्य शिक्षकों की कमी का सामना कर रहा है। पर्यटन मंत्रालय और NCHMCT मिलकर शिक्षण को एक सम्मानजनक और आकर्षक करियर विकल्प बनाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा अपनाना आवश्यक है, जिससे पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों में नयापन और प्रभावशीलता आए। जिस प्रकार तकनीक ने ट्रैवल सेक्टर को बदला है, उसी प्रकार यह आतिथ्य शिक्षा में भी क्रांति ला सकती है।
प्रो-पुअर टूरिज्म, कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे राष्ट्रीय प्रयासों ने युवाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। हुनर से रोज़गार तक जैसी योजनाएँ समाज के विभिन्न वर्गों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर के पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के प्रयास सफल रहे हैं। इसके अलावा, चुनिंदा देशों के लिए वीजा ऑन अराइवल सुविधा ने भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या को बढ़ावा दिया है।
हमारे संस्थान उत्कृष्टता केंद्र बनने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। आधुनिक बुनियादी ढांचा, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्योग के साथ मजबूत साझेदारी हमारी प्रमुख ताकतें हैं। केवल होटल और रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि सशस्त्र बल, बैंकिंग सेक्टर, बीमा क्षेत्र और अन्य सेवाक्षेत्र भी हमारे विद्यार्थियों को पसंद कर रहे हैं। IGNOU के साथ साझेदारी होने से विद्यार्थियों को MBA एवं अन्य उच्च शिक्षा के विकल्प सहज रूप से उपलब्ध हैं। कई विद्यार्थी स्वयं के उद्यम भी सफलतापूर्वक चला रहे हैं।
आतिथ्य क्षेत्र अत्यंत गतिशील और प्रतिस्पर्धी है। ऐसे माहौल में अपने सपनों को साकार करने के लिए सही दिशा, कौशल और अवसरों की आवश्यकता होती है। हमारे संस्थान विद्यार्थियों को नवाचार, कौशल संवर्धन, नेटवर्किंग और करियर उन्नति के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
NCHMCT और इसके सभी संस्थानों की ओर से, मैं सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता हूँ।